G7 countries supported Ukraine
BREAKING
पेपर लीक मुद्दे पर कांग्रेस के प्रदर्शन पर AAP का हमला, संजय सिंह और आतिशी ने उठाए सवाल सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल ले जाने का हाई कोर्ट का आदेश, कहा- पसंद के अस्पताल में इलाज कराना मौलिक अधिकार यूपी कैबिनेट की बड़ी मंजूरी, 26,315 करोड़ रुपये से बनेगा 333 किमी लंबा विंध्य एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त से; 10 लाख नए राशन कार्ड बनाए जाएंगे, CM मान बोले- मैनुअल नहीं डिजिटल वैरिफिकेशन होगा दिल्ली में PM आवास के पास राहुल गांधी का विरोध प्रदर्शन; मोदी-धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया गया

G7 देशों ने यूक्रेन का किया समर्थन,रूस पर लगेगा और प्रतिबंध !

G7 countries supported Ukraine

G7 countries supported Ukraine

लगभग एक साल से रूस और यूक्रेन के बीच भीषण युद्ध चल रहा हैं। बता दें कि 24 फरवरी, 2022 को रूस ने यूक्रेन पर भीषण हमला करना शुरू किया था। किसी को उम्मीद नहीं थी कि रूस के सामने यूक्रेन टिक पाएगा लेकिन इस युद्ध को एक साल होने जा रहे है और अभी भी यूक्रेन सुपर पावर देश रूस को कड़ी टक्कर दे रहा है।

खबरें और भी हैं... हिमाचल में दूध के अलावा अब गाय का गोबर भी खरीदेगी सरकार,जानिए कितना होगा दाम ?
रूस पर लगाए जा रहे प्रतिबंध

एनएचके वर्ल्ड न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, सात देशों के समूह के विदेश मंत्रियों ने यूक्रेन का समर्थन जारी रखने और रूस पर अधिक प्रतिबंध लगाने पर सहमति व्यक्त की है। जापान ने 18 फरवरी को म्यूनिख, जर्मनी में G7 बैठक की मेजबानी की, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन के मौके पर विचार-विमर्श किया गया।बता दें कि जापान इस साल की G7 की अध्यक्षता कर रहा है और यह बैठक तोक्यो द्वारा आयोजित पहला विदेश मंत्री सम्मेलन था। इस बैठक में यूक्रेन के विदेश मंत्री दमित्रो कुलेबा को भी आमंत्रित किया गया था।

यह भी पढ़ें.... बिहार में दहेज़ की भेंट चढ़ी बेटी,ससुराल वालों ने हत्या कर लाश की गायब !
यूक्रेन के विदेश मंत्री भी का ट्वीट

यूक्रेन के विदेश मंत्री दमित्रो कुलेबा G7 मंत्रिस्तरीय बैठक भी शामिल हुए। उन्होंने ट्वीट किया, 'मैंने जापानी विदेश मंत्री हयाशी योशिमासा के निमंत्रण पर G7 मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया। हमने 2023 में यूक्रेन की जीत के लिए आवश्यक हर चीज पर ध्यान केंद्रित किया। हथियारों की तेजी से आपूर्ति और नए प्रतिबंध होंगे। रूस को यह महसूस करना चाहिए कि हम उसकी आक्रामकता का मुकाबला करते नहीं थकेंगे।'